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👮वीर “अभिनंदन”👮

गिदड़ों भेड़ियों की कस्बे से,
एक शेर दहाड़ कर आया है।
है “अभिनंदन” नाम जिनका,
रच इतिहास दिखलाया है।।

रग रग में भरा हो देश प्रेम,
ऐसा “अभिनंदन” तेरा काया है।
उन्ही के सरजमीं पे जाकर,
दुश्मनो के छक्के छुड़ाया है।।

किंचित नही भयभित मन में,
बज्र सा हृदय स्कंदन है।
पराक्रम शौर्य भरा है जिसमे,
ऐसा वीर “अभिनन्दन” है।।

गर्व है पुरे देश को तुम पर,
हे भारत के वीर जवान।
ऐसा साहस दिखलाया तुमने,
अद्भुत कार्य किये महान।।

झुकने नही दिया तुमने,
भारत के आन बान शान को।
हँस कर लगा दिए दाँव पर,
देश की खातिर जान को।।

अविरल बहता शौर्य की,
सबसे बड़े मिशाल हो तुम।
तान कर सीना खड़े रहे,
ऐसे पर्वत विशाल हो तुम।।

वायु सेना के लाल जवान,
मातृ भूमि की माथ के चंदन।
नभ अम्बर सब बोल रहा,
शत् शत् नमन तुम्हे “अभिनंदन”।।

नागेश कश्यप
कुँवागाँव, मुंगेली छ.ग.।।

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