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ये गाँव ए

ये गाँव ए भल ठाँव ए,  इंसानियत पलथे जिहां।हर राग मा अउ गीत मा, स्वर प्रेम के मिलथे इहां  ।।हे आदमी बर आदमी, धर हाथ ला सब संग मा ।मनखे जियत तो हे जिहां, मिलके धरा के रंग मा ।संतोष के अउ धैर्य के, ये पाठशाला  आय गा ।मन शांति के तन कांति के, रुखवा जिहां...

ढल देश के हर ढंग मा

चल संग मा चल संग मा, ढल देश के हर ढंग मा ।धरती जिहां जननी हवे, सुख बांटथे हर रंग मा ।।मनका सबो गर माल के, सब एक हो धर के मया ।मनखे सही मनखे सबो, कर लौ बने मनखे दया ।।भटके कहां घर छोड़ के, धर बात ला तैं आन के ।सपना गढ़े हस नाश के, बड़ शत्रु हमला मान के ।।हम संग मा हर...

अपने डहर मा रेंग तैं

अपने डहर मा रेंग तैं, काटा खुटी ला टार के ।कोशिश करे के काम हे, मन के अलाली मार के ।।जाही कहां मंजिल ह गा, तोरे डगर ला छोड़ के ।तैं रेंग भर अपने डगर, काया म मन ला जोड़ के...

पहिचान हे ये तो हमर

छत्तीसगढ़ दाई धरे, अचरा अपन संस्कार गा।मनखे इहां के हे दयालू, करथे मया सत्कार गा ।दिखथे भले सब कंगला, धनवान दिल के झार गा ।पहिचान हे ये तो हमर, रखना हवे सम्हार गा...

हर काम हा सरकार के

हर बात के गलती दिखे, जनतंत्र मा सरकार के ।अधिकार ला सब जानथे,  अउ मांगथे ललकार के ।।कर्तव्य ला जनता कभू, अपने कहां कब मानथे ।हर काम हा सरकार के, अइसे सबो झन जानथे ।।-रमेश...
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