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नैतिकता

विषधरों और चंदन में खूब दोस्ती है, किन्तु आजकल राजनीतिक विषधरों से चंदन डरता है। युगो युगो से चंदन विषधरों के विषों को झेल रहा है, जो सहते हैं उन्हें और सताते हैं। छूट भैये विषधरों का यह खेल रहा है,।। कब तक चंदन की शीतलता का होता रहेगा, शोषण चंदन भी एक दिन जलकर राख हो...
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