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गीत वसंती~सार छंद

        //गीत वसंती ~ सार छंद में// ****************************** बाँध बोरिया बिस्तर अपना, दुबक चला जड़काला। अब वसंत आया अलबेला, दिखता नया निराला। बाग बगीचे कानन झुरमुट, बरबस ही बौराए। यौवन व्यापक यत्र-तत्र तब, राग बसंती गाए। कामदेव युवराज स्वागतम्, स्वीकारो...

के दिन के जिनगानी

सार छंद गीत कै दिन के जिनगानी… राम भजन कर ले रे संगी,कै दिन के जिनगानी। लहुटे हंसा आय नहीं जी,लहुटे कहाँ जवानी।।1 कै दिन बर पाये तँय चोला,झन कर रे अभिमानी…. राम भजन कर ले रे संगी,कै दिन के जिनगानी…. ये तन कच्चा माटी संगी,जादा झन इतराना। दया मया ले जी...

कान्हा मोला बनादे

जीतेन्द्र वर्मा”खैरझिटिया” के सार छंद(कान्हा मोला बनादे )   पाँख मयूँरा मूँड़ सजादे,काजर गाल लगादे| हाथ थमादे बँसुरी दाई,मोला किसन बनादे |1।   बाँध कमर मा पटको करधन,बाँध मूड़ मा पागा| हाथ अरो दे करिया चूड़ा,बाँध गला मा धागा|2।   चंदन टीका माथ लगादे,लेदे माला...

प्रियतम प्रीत तुम्हारी

उपासना है आराधना भी, प्रियतम प्रीत तुम्हारी । सुमन  सुगंधी सम अनुबंधित, प्रियतम प्रीत तुम्हारी ।। ध्रुव तारा सम अटल गगन पर, प्रियतम प्रीत तुम्हारी ।। प्राण देह में ज्यों पल्लवित, प्रियतम  प्रीत तुम्हारी ।। -रमेशकुमार सिंह...

बसंत के गीत

🙏🌹 *गीत बसंती~सार छंद*🌷🙏 ******************************** (सार छंद) बाँध बोरिया बिस्तर अपना, दुबक चला जड़काला। अब बसंत आया अलबेला, दिखता नया निराला। बाग बगीचे कानन झुरमुट, बरबस ही बौराए। यौवन व्यापक यत्र-तत्र तब, राग बसंती गाए। कामदेव युवराज स्वागतम्, स्वीकारो वरमाला।...
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