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बेरोजगारी (सुंदरी सवैया)

नदिया-नरवा जलधार बिना, जइसे अपने सब इज्जत खोथे ।मनखे मन काम बिना जग मा, दिनरात मुड़ी धर के बड़ रोथे ।।बिन काम-बुता मुरदा जइसे, दिनरात चिता बन के बरथे गा ।मनखे मन जीयत-जागत तो, पथरा-कचरा जइसे रहिथे गा ।।सुखयार बने लइकापन मा, पढ़ई-लिखई करके बइठे हे ।अब जांगर पेरय ओ कइसे,...

मन के मइल (दुर्मिल सवैया)

जइसे तन धोथस तैं मल के, मन ला कब  धोथस गा तन के ।तन मा जइसे बड़ रोग लगे, मन मा लगथे  बहुते छनके ।।मन देखत दूसर ला जलथे, जइसे जब देह बुखार धरे ।मन के सब लालच केंसर हो, मन ला मुरदा कस खाक करे ।।मन के उपचार करे बर तो, दवई धर लौ निक सोच करे ।मन के मइले तन ले...

हे गणनायक

हे गणनायक देव गजानन(मत्तगयंद सवैया)हे गणनायक देव गजाननराखव राखव लाज ल मोरे ।ये जग मा सबले पहिली प्रभुभक्तन लेवन नाम ल तोरे ।तोर ददा शिव शंकर आवयआवय तोर उमा महतारी ।।कोन इहां तुहरे गुण गावयहे महिमा जग मा बड़ भारी ।राखय शर्त जभे शिवशंकरअव्वल घूमय सृष्टि ल जेने ।देवन मा...

तीजा

 मत्तगयंद सवैयाहे चहके बहिनी चिरई कसहॉसत गावत मानत तीजा ।सोंध लगे मइके भुइया बड़झोर भरे दरमी कस बीजा ।।ये करु भात ह मीठ जनावयडार मया परुसे जब दाई ।लाय मयारु ददा लुगरा जबछांटत देखत हाँसय भाई...

मदिरा सवैया

रूप न रंग न नाम हवे कुछु, फेर बसे हर रंग म हे ।रूप बने न कभू बिन ओखर, ओ सबके संग म हे ।।नाम अनेक भले कहिथे जग, ईश्वर फेर अनाम हवे ।केवल मंदिर मस्जिद मा नहि, ओ हर तो हर धाम हवे...
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