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राखी तिहार मा(सरसी छंद)

राखी तिहार मा(सरसी छंद) —————————————-                     1 बहिनी के वचन तिलक सार भैया के माथा , राखी ला पहिनाय । साज आरती करिहँव सुग्घर ,भाग अपन सँहराय।।   डार मिठाई मुँह भैया के , रोटी...

घर घर दीप जलायें

घर घर दीप जलायें (सरसी छंद)  महेन्द्र देवांगन माटी आओ मिलकर आज मनायें , खुशियों का त्योहार । घर घर जाकर दीप जलायें , सुखी रहे परिवार ।। धनतेरस के इस अवसर पर , धन की हो बरसात । सेवा कर लो दीन दुखी के , करो प्रेम से बात ।। सभी स्वदेशी को अपनाओ , समझो उसकी चाल। माटी के...

अंग्रेजी के जरूरत कतका

अंग्रेजी के जरूरत कतका, थोकिन करव विचार ।भाषा चाही के माध्यम गा, का हे येखर सार ।।मानत जानत हे दुनिया हा, अपने भाषा नेक ।दूसर भाषा बाधा जइसे,  रद्दा राखे छेक ।।हर विचार हा अपने भाषा, होथे बड़का पोठ ।अपन सोच हा दूसर भाषा, लगथे अड़बड़ रोठ ।।अपने भाषा के माध्यम मा,...

जोगी रा-सा-ररा-रा-पइसा

जोगी रा सा रा रा जोगी रा सा रा रापइसा पूजा पाठ कहाथे, पइसा हा भगवान ।पइसा हरियर-हरियर चारा, चरत हवय इंसान ।।जोगी रा सा रा रापइसा ले डौकी लइका हे, पइसा ले परिवार ।पइसे ले दुनिया हे तोरे, पइसा बिन बेकार ।।जोगी रा सा रा रामइल हाथ के पइसा होथे, कहि-कहि मरय सियान ।बात समझ...

अइसे कोनो रद्दा खोजव, जुरमिल रेंगी साथ

मोटर गाड़ी के आए ले, घोड़ा दिखय न एक ।मनखे केवल अपन बाढ़ ला, समझत हावे नेक ।।जोते-फांदे अब टेक्टर मा, नांगर गे नंदाय ।बइला-भइसा कोन पोसही, काला गाय ह भाय ।।खातू-माटी अतका डारे, चिरई मन नंदात ।खेत-खार मा महुरा डारे, अपने करे अघात ।।आघू हमला बढ़ना हावे, केवल धरे मशीन...
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