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बर-पीपर के तुमा-कोहड़ा

बर-पीपर के ओ रूख राई, धीरे-धरे तो बाढ़त जावय । बाढ़त-बाढ़त ठाड़ खड़ा हो, कई बरस ले तब इतरावय ।। तुमा-कोहड़ा नार-बियारे, देखत-देखत गहुदत जावय । चारे महिना बड़ इतराये, खुद-बा-खुद ओ फेर सुखावय । -रमेशकुमार सिंह...

चोवा राम “बादल” के सवैया छंद

     वाम सवैया   पसारत हाथ लजावय कोन ग फोकट म जब घी मिल जाथे । गरीब गरीब म भेद करे सँविधान के नाम कलंक लगाथे। सबो मनखे मन एक समान त कोन इहाँ झगरा करवाथे । निटोर बने कुन देखव जी प्रतिभा घुट के जिनगी ल पहाथे।          लवंगलता  सवैया   भरे धुँगिया घर बाहिर मा समझे नइ...

तर्क ज्ञान विज्ञान कसौटी

तर्क ज्ञान विज्ञान कसौटी, पढ़ई-लिखई के जर आवय ।काबर कइसे प्रश्न खड़ा हो, जिज्ञासा ला हमर बढ़ावय ।।रटे-रूटाये तोता जइसे, अक्कल ला ठेंगा देखावय ।डिग्री-डिग्री के पोथा धर के, ज्ञानी-मानी खुदे कहावय ।।जिहां तर्क के जरूरत होथे, फांदे ना अक्कल के नांगर ।आस्था ला टोरे-भांजे बर,...
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