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छप्पय छंद

छप्पय छंद  (श्रृंगार) लुगरा पहिरे लाल,बाँह मा चूरी खनके। नागिन जइसन बाल,माथ मा बिंदिया चमके। फभे कान मा ढ़ार,नाक मा फुल्ली सोहे। अटियावत हे देख,देख के मन ला मोहे। पहिरे सादा पोलखा,होठ तोर हे लाल ओ काजर आँजे आँख मा,तोर गुलाबी गाल ओ।। -डी.पी....

प्राण सम सजनी

प्राण सम सजनी  (चोका) चारू चरण चारण बनकर श्रृंगार रस छेड़ती पद चाप नुपूर बोल वह लाजवंती है संदेश देती पैर की लाली पथ चिन्ह गढ़ती उन्मुक्त ध्वनि कमरबंध बोले लचके होले होले सुघ्घड़ चाल रति लजावे चुड़ी कंगन हाथ, हथेली लाली मेहंदी मुखरित स्वर्ण माणिक ग्रीवा करे चुम्बन धड़की...

सुन्दर सुशील कन्या, देख मन बोल रहा

मनहरण घनाक्षरी (8,8,8,7) सुन्दर सुशील कन्या, देख मन बोल रहा सुन्दर सुशील कन्या, देख मन बोल रहा हृदय के घरौंदे में, तुम को बसाएंगे। तुम जो स्वीकार करो, प्रियतमा प्रेम मेरा सारे नाज तेरे हम, हंस के उठाएंगे। मखमली सेज शैय्या, तेरे लिए प्रेम प्यारी हम अपने हाथों से, खुद...

घनाक्षरी-बिना बोले बोलत हे

  गाले मा हे लाली, आँखी मा हे काजर, ओठ गुलाबी चमके, बिना ओ श्रृंगार के । मुच-मुच मुस्कावय, कभू खिलखिलावय बिना बोले बोलत हे, आँखी आँखी डार के ।। साटी न बिछिया गोडे, चूरी ना चाकी हे हाथे, तभो गमकत हवे, देह छतनार के बिना नषा पानी करे, बिना गांजा दारू धरे नशा मोला...

श्रीमती जी को संदेश

श्रीमती जी को संदेश हे प्रेम प्यारी, हे हृदय दुलारी सता रही है, बड़ी याद तुम्हारी सीने को चीरती, यादों की आरी नींद को डस गई, तेरी अंखियां कारी तुम बिन उजड़ा, लगता फूलवारी मखमली सेज में, चुभते कटारी मीठी मीठास, चटपटी अचारी सुध बिसरायें, तेरी बातें प्यारी चांदनी रात भी,...
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