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मया ल ओ अनवासय

मुचुर-मुचुर जब हासयओ मोटीयारीमया ल तो अनवासयबिहनिया असन छायेचुक लाली-लालीसबके मन ला भायेचिरई कस ओ चहकयखोल अपन पांखीमन बादर मा गमकयफूल डोहड़ी फूलेझुमर-झुमर डाराचारो-कोती झूलेअंतस मा मया धरेआँखी गढियायेबिन बोले गोठ...

छत्तीसगढ़ी माहिया

तोर मया ला पाकेमोर करेजा माधड़कन  फेरे जागेतोर बिना रे जोहीसुन्ना हे अँगनाजिनगी के का होहीदेत मिले बर किरयामन मा तैं बइठेतैं हस कहां दूरिहाजिनगी के हर दुख माये मन ह थिराथेतोर मया के रूख मासपना देखय आँखीतीर म मन मोरेजावंव खोले...
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