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जय भोलेनाथ

  जय भोलेनाथ ( ताटंक छंद) शिव शंकर को जो भी पूजे , मन वांछित फल पाते हैं । औघड़ दानी शिव भोला है , जल्दी खुश हो जाते हैं ।। शिवरात्री के महा पर्व पर , दर्शन करने जाते हैं । श्रद्धा पूर्वक फूल पान सब , अर्पित करके आते हैं ।। बाघाम्बर को लपटे रहते , गले नाग की माला...

कौआ और कोयल

    कौआ और कोयल  मैं भी काला तुम भी काली , पर दोनों की बात निराली । तुम भी गाती मै भी गाता, पर कोई मुझे क्यों नही भाता ? कोयल बोली सुन कौआ भैया, तुम हो बड़े बेसुरा गवैया । तुम भी मीठी तान सुनाओ, लोगों के मन को बहलाओ । कौआ बोला सुन कोयल बहना, मुझे सीखा दो मीठी कहना...

नारी

  नारी (कुण्डलियाँ छंद) नारी जग की शान है , नारी से घर द्वार । काली लक्ष्मी रूप है , महिमा अपरंपार ।। महिमा अपरंपार , पार ना कोई पाये। संकट जब जब आय , सामने वो ही आये । दानव हो या देव , पड़त है सब पर भारी । मत कर अत्याचार , काल बन जाती नारी । महेन्द्र देवांगन माटी...

पर्यावरण

पर्यावरण  (सरसी छंद)  पेड़ लगाओ मिलकर प्यारे , तभी मिलेगा छाँव । फूल खिलेंगे सुंदर सुंदर,  महके पूरा गाँव । आते जाते रुककर राही , खायेंगे फल फूल । मजा सभी को आयेगा , बाँधे झूला झूल । पेड़ लगाकर पानी डालो , मिले हवा भरपूर । पर्यावरण बचाओ साथी , होय बिमारी दूर ।...

छेरछेरा

दान पून के तिहार  — छेरछेरा  ************************* हमर भारत देश में पूजा पाठ अऊ दान के बहुत महत्व हे। दान करे बर जाति अऊ धरम नइ लागय। हमर भारतीय संस्कृति  में हिन्दू, मुसलिम, सिख, ईसाई, जैन सबो धरम के आदमी मन दान धरम करथे अऊ पुण्य  कमाथे। हमर वेद पुरान अऊ...
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