Select Page

चल न घर ग

भृंग छंद नगण (111) 6 बार अंत म पताका (21)चल न घर ग, बिफर मत न, चढ़त हवय दारू ।कहत कहत, थकत हवय, लगत हवय भारू ।।लहुट-पहुट, जतर-कतर, करत हवस आज ।सुनत-सुनत, बकर-बकर, लगत हवय लाज...
error: