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ददा

कहां देवता हे इहां कोन जाने ।न जाने दिखे ओ ह कोने प्रकारे ।।इहां देवता हा करे का बुता हे ।सबो प्रश्न के तो जवाबे ददा हे ।।ददा मोरे ब्रम्हा देह मोरे बनाये ।मुँहे डार कौरा ददा बिष्णु मोरे ।।शिवे होय के दोष ला मोर मांजे ।ददा हा धरा के त्रिदेवा कहाये ।।कभू देख पाये न आँसू...

मया

                मया(भुजंगप्रयात छंद, अतुकांत)कहां देह के थोरको मोल होथे ।मया के बिना देह हाड़ा निगोड़ा ।।मया के मया ले मया देह होगे ।मया साँस मोरे मया प्राण मोरे ।।करे हे मया हा मया मा मया रे...
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