Select Page

गाँव

गाँव  (बरवै छन्द) सुग्घर लागत हावय,हमरो गाँव। बर पीपर के ठंडा,पावन छाँव।। नदिया नरवा बोहत,हावय धार। हरियर हरियर दिखथे,खेती खार।। कोयल कुहके कउँवा,करथे काँव। सुत उठ सब धरती के,परथें पाँव।। करथें सबो किसानी,पाथें धान। मारय नइ जी कोनो,शेखी शान।। महिनत के बदला मा,पाथें...
error: