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धरती दाई महतारी

           “धरती दाई महतारी” (लोक गीत–भरथरी और ददरिया धुन में)  ——————–  धरती दाई महतारी ये बड़ नीक लागे  अँगना मा सोन चिरैया  हाथ आरती लव,  फूल माला धरव  ओखर स्वागत ल तुमन करव जी  तुमन करव जी, तुमन करव जी  भाई एदे जी...

सुवागीत

तरी हरी नाना मोर नहा नारी नाना रे सुवना  कि तरी हरी नहा नारे ना  नारे सुवना कि तरी हरी नहा नारे ना नारे सुवना कि आवो भईया बहिनी हमार  ना रे सुवना कि महतारी के महिमा अपार || • रामगिरि तोरे माथ मुकुट नारे सुवाना कि  बइलाडिला हावे गोकुल धाम  नारे सुवना कि राजीव लोचन हावे...

जस गीत-मइया बइठे हे रतन सिंहासन मा रे जगमगागे भुवनवा

जस गीत (ताल दादरा) मइया बइठे हे रतन सिंहासन मा रे जगमगागे भुवनवा अष्ट सिद्धि नौ निधि माँ के संग मा रे जगमगागे भुवनवा मोरे मइया के कोई रूप् न जाने कसम कसेटि छबि देख लजाने बाणी से कुछ बने नहीं बरनन रे जगमगागे भुवनवा छत्र मुकुट कुंडल अति सोहे देखत रूप् चराचर मोहे मांघ...

जेवारा गीत-तोरे फूल बगिया माँ मन भौरा भुलागे

जेवारा गीत तोरे फूल बगिया माँ मन भौरा भुलागे तोरे फूल बगिया माँ पद तोरे बगिया के हरी-भरी पतियां, फूल फूले मद माते लाल गुलाबी नीला पीला, केसरिया लहरा के बोलत कीर चकोर कोयलिया, रुमछुम रुमछुम हां गुंजन भरे बगिया रुम छुम रूमझुम हां आशा-ममता लोभ मोह के, सुंदर बने कियारी...

जेवारा गीत-जग जननी माँ तैं जग तारण माई

  जेवारा गीत जग जननी माँ तैं जग तारण माई तैं जग तारण माई ओ हे अम्बे तैं जग तारन माई ओ जगदम्बे मां तैं जग तारन माई ओ नमो नमो मां हे सुखकरनी नमो नमो दुखहरनी नमो नमो हे जगकल्य़ाणी नमो विश्व रूप धरणी नमो नमो हे आदि भवानी तुम जग पालक माई ओ जग जननी मां तैं जगतारण माई ओ...
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