Select Page

भौतिकवाद के फेर

भौतिकवाद के फेर । मनखे मन करय ढेरसुख सुविधा हे अपार । मनखे मन लाचारमालिक बने विज्ञान । मनखे लगे नादानसबो काम बर मशीन । मनखे मन लगय हीनहमर गौटिया किसान । ओ बैरी ये मितानजांगर के बुता छोड़ । बइठे पालथी मोड़बइठे बइठे ग दिन रात । हम लमाय हवन लातअइसन हे चमत्कार । देखत मरगेन...

मया मा मिले भगवान

भाखा तै अपन तोल । सोच समझ फेर बोलएक गोठ करे घाव । दूसर जगाये चावकोयली के हे नाम । कउवा हवे बदनामकरू कस्सा तैं छोड़ । मीठ ले नाता जोड़गोठ सुन बैरी होय । संगी कहाये जोयअनचिन्हार हे गांव । काबर तैं करे कांवतैं गुरतुर बने बोल । अपने करेजा खोलरूख राई घला तोर । बोले जब मया...
error: