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बड़का बड़े, ये देश

हर जात ले, हर धर्म ले, आघू खड़े, ये देश ।हे मोर ले, अउ तोर ले, बड़का बड़े, ये देश ।।सम्मान कर, अभिमान कर, तैं भुला के, खुद क्लेष ।ये मान ले, अउ जान ले, हे तोर तो, ये देश ।।विरोध करव, सरकार के, जनतंत्र मा, हे छूट ।पर देश के, तै शत्रु बन, सम्मान ला, झन लूट ।।पहिचान हे,...
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