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छबि छंद

-छबि छंद- छबि  ला सवार । आठे मझार चारो समान । छबि के प्रमान जगणे पदांत । चरणे समांत लिखही ‘रमेश‘ । सुमरत गणेश जइसे- हे वेद व्यास । करवँ अरदास मन भर उजास । मोर बड आस लेत प्रभु नाम । करवँ शुरू काम जगत पति श्याम । करय मन धाम देव शुक पाँव । माथे नवाँव महिमा सुनाव ।...

जय जय किसान

छबि छंद 8 मात्रा पदांत 121धरती हमार । तैं हर सवारहमरे मितान । आवस किसानकर ले न चेत । जाके ग खेतजांगर ल टोर । माटी म बोरओ खेत खार । धनहा कछारबसथे ग जान । बाते ल माननांगर ल जोत । तन मन ल धोतअर अर तता त । अर  अर तता तउबजहि ग धान । सीना ल तानघात लहरात । घात ममहातपीरा...
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