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चोवा राम “बादल” के छप्पय छंद

              1 बासी बासी खाय सुजान , ज्ञान ओकर बढ़ जावय । बासी खाय किसान ,पोठ खंती खन आवय । बासी पसिया पेज , हमर सुग्घर परिपाटी । बासी ला झन हाँस ,दवा जी एहा खाटी । बासी दवई बन जथे , रतिहा बोरे भात हा । पी पसिया लू नइ धरय , हवा झाँझ के तात हा ।।        2  पुरखा मन के...

चोवा राम “बादल” के सवैया छंद

     वाम सवैया   पसारत हाथ लजावय कोन ग फोकट म जब घी मिल जाथे । गरीब गरीब म भेद करे सँविधान के नाम कलंक लगाथे। सबो मनखे मन एक समान त कोन इहाँ झगरा करवाथे । निटोर बने कुन देखव जी प्रतिभा घुट के जिनगी ल पहाथे।          लवंगलता  सवैया   भरे धुँगिया घर बाहिर मा समझे नइ...

मेला जाबो  (लावणी छंद )

    छन्न पकैया छन्न पकैया , धान पान सकलागे । राजिम सिरपुर खल्लारी मा , मेला तको भरागे ।1।   छन्न पकैया छन्न पकैया , चल ना मेला जाबो । करके गंगा स्नान हमूँ मन, भाग अपन सँहराबो ।2।   छन्न पकैया छन्न पकैया , मंदिर माँथ नवाबो । दर्शन करके शिव शंभू के , नरियर फूल चढ़ाबो ।3।...

राखी तिहार मा(सरसी छंद)

राखी तिहार मा(सरसी छंद) —————————————-                     1 बहिनी के वचन तिलक सार भैया के माथा , राखी ला पहिनाय । साज आरती करिहँव सुग्घर ,भाग अपन सँहराय।।   डार मिठाई मुँह भैया के , रोटी...

घपटे अँधियार (दुर्मिल सवैया )

 घपटे अँधियार हवे मन द्वार बिचार बिमार लचार हवै । जग मोंह के जाल बवाल करे बन काल कुचाल सवार हवै । मन के सब भोग बने बड़ रोग बढ़ाय कुजोग अपार हवै । गुरुदेव उबारव दुःख निवारव आवव मोर पुकार हवै ।1 ।   लकठा म बला निक राह चला सब होय भला बिपदा ल हरो । मन ला गुरु मोर जगा झकझोर...
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