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है मेरी भी कामना

//दोहा गीत// है मेरी भी कामना, करूँ हाथ दो चार । उर पर चढ़ कर शत्रु के, करूँ वार पर वार ।। लड़े बिना मरना नहीं, फँसकर उनके जाल । छद्म रूप में शत्रु बन, चाहे आवे काल ।। लिखूँ काल के भाल पर, मुझे देश से प्यार । है मेरी भी कामना ………. बुजदिल कायर शत्रु...

गयल में भेट भइले ना

गयल में भेट भइले ना ताल, -दादरा सखि कान्हां हमार अलबेले गयल में भेंट भइले ना नहीं साथ में न उनके चेले गयल में भेंट भइले ना पद आंचल पकड़ मोहे पूछत कान्हां पूछत कान्हां हां पूछत कान्हा कहां राधा गयो है मेरो गयल में भेंट भइले ना पद मैं बोली अजी छोंड़ अंचरवा छोड़ अंचरवा हां...

मन जग फूलवरिया में

मन जग फूलवरिया में ताल-दादरा मुखड़ा- मन जग फूलवरिया में भंवरा क्यों बन गया है नहीं सोंचता तू आगे गवांरा क्यों बन गया है ।। मन जग फूलवरियां में… पद 1- है कितने रंग बिरंगे कलियों में गुल खिले हैं पी-पी के रस तुम आते बगियां खूब झूमे हैं होगी कभी ये पतझड़ बहरा क्यों...

तारासीरा पाठीकपीठा

(जन गीत) “तारासीरा पाठीकपीठा” —————–  तारासीरा पाठीकपीठा धरारपटा रेंगयं कड़बिड़कईया सुदूर बुदूर अपने-अपन गोठियावयं ॥   गुंटूर-गुंटूर, गुंटूर-गुंटूर नोनी  बाबू पढयं भसर-भसर, भसर-भसर बोदेला टूरा सोवय ॥   तनानना-तनानना लेड़गी टूरी रहय...

मितान”

(मातृभूमि के लिए किसान का आह्वान करता यह गीत) “मितान” ——————-  -सुनवसुनव ग मोर मितान  आवव आवव हो मोर मितान  देखव देखव ग मोर मितान  छत्तीसगढ़िया बनिहार किसान ||   ए माटी ए माटी ए चोवा चंदन मनखे करथे एला बंदन  जघा-जघा मा मंदिर देवाला ...
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