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सपना मा आवत हे रे

//गीत//टूरा-खुल्ला चुन्दीवाली टूरी, सपना मा आवत हे रे ।मोरै तन मन के बादर मा, बदरी बन छावत हे रे ।।टूरी-लंबा चुन्दी वाले टूरा, सपना मा आवत हे रे ।मोरे तन मन के बदरी मा, बादर बन छावत हे रे ।।टूरा-चढ़े खोंजरारी चुन्दी हा, माथा मा जब-जब ओखर ।घेरी-बेरी हाथ हटाये, लगे...

सभ्य बने के चक्कर मा

लइका दाई के दूध पिये, दाई-दाई चिल्लाथे ।आया डब्बा के दूध पिये, अपने दाई बिसराथे।।जेने दाई अपने लइका, गोरस ला नई पियाये।घेरी-घेरी लालत ओला, जेने ये मान गिराये ।।सभ्य बने के चक्कर मा जे, अपन करेजा बिसराये ।बोलव दुनिया वाले कइसे, ओही हा सम्य कहाये ।।दाई के गोरस कस होथे,...

मनखे ओही बन जाथे

कुकुभ छंदजेन पेड़ के जर हे सुध्घर, ओही पेड़ ह लहराथे।जर मा पानी डारे ले तो, डारा पाना हरियाथे ।।नेह पोठ होथे जे घर के, ओही घर बहुत खटाथे ।उथही होय म नदिया तरिया, मांघे फागुन म अटाथे ।।ढेला पथरा ला ठोके मा, राईं-झाईं हो जाथे ।कच्चा माटी के लोंदा ले, करसी मरकी बन जाथे...
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