Select Page

किसान

किसान दिवस विशेष पर गीतिका छंद मा एक गीत हाँथ जोड़व मुड़ नवावँव ,भूमि के भगवान हो। गुन तुँहर कतका गिनावँव ,कर्म पूत किसान हो। हाँथ मा माटी सनाये ,माथ ले मोती झरे। सब किसनहा सुन तुँहर ले ,अन्न के कोठी भरे। धूप जाड़ा शीत तुँहरे ,मीत संगी जान हो। गुन तुँहर कतका गिनावँव...

माँ शारदे की वंदना

 माँ शारदे की वंदना (गीतिका छंग) शब्द वाणी अक्षरा हे वाग्देवी शारदे। शत नमन वंदन करूँ माँ नेह मुझ पर वार दे। श्वेतवसना शशिमुखी हंसाधिरूढ़ा सुरसती। चेतना मेधा प्रभा ज्ञाना इला वीणावती। आदि मध्या इति अशेषा, ज्ञान का विस्तार दे। शत नमन वंदन करूँ माँ नेह मुझ पर वार दे।1।...

गीत

गीत आज केवल सच बचा है पास मेरे, इसलिए तो लोग अब आते नहीं हैं। एक जैसा रूप वाणी आत्मा का, नित करे आभार मन परमात्मा का, घूम आते दूर तक मायानगर में, मोह के हम द्वार खटकाते नही हैं। स्वर्ण के घट में रखे सब लौह सिक्के, जंग से उतरे सभी के रंग पक्के, मोहरों से भी न मिलती चंद...

गीत

  एक गीत –   *अंतर* मैं शब्द नगर की बंजारन,तुम मूक महल के शहजादे। मेरा मन तो उन्मुक्त चले,पर तुम चलते लेकर प्यादे। अर्थों में तुम सीमा बाँधो, मैं भावों का विस्तार गढ़ूँ तुमने जड़ता के पाँव गहे, मैं गूढ़ तत्व आधार पढ़ूँ। शब्दों से तुमको नेह नही, मैं अक्षर से...

साहित्यश्री-1//आशा देशमुख

विषय …प्रथम पूज्य गणेश प्रार्थना सुन लो प्रभो हे अब जगत से तम हरो एकदंता शुभनियंता शिवतनय गणनायका , शोकहर्ता भाग्यकर्ता रिद्धि-सिद्धि प्रदायका । कोटि रवि सम हे प्रभाकर , ज्ञान से हर धीं भरो । प्रार्थना सुन लो प्रभो हे अब जगत से तम हरो । गुणसदन हे गजबदन शुभ शांति...
error: