Select Page

वीर महाराणा प्रताप

वीर महाराणा प्रताप(आल्हा छंद)   जेठ   अँजोरी   मई   महीना,नाचै   गावै   गा  मेवाड़। बज्र शरीर म बालक जन्मे,काया दिखे माँस ना हाड़।   उगे उदयसिंह के घर सूरज,जागे जयवंता के भाग। राजपाठ के बने पुजारी,बैरी मन बर बिखहर नाग।   अरावली पर्वत सँग खेले,उसने काया पाय विसाल। हे...

नेताजी की महिमा गाथा

नेताजी की महिमा गाथा  (आल्हा छंद) नेताजी की महिमा गाथा, लोग भजन जैसे है गाय । लोकतंत्र के नायक वह तो, रंग रंग के भाव दिखाय ।। नटनागर के माया जैसे, इनके माया समझ न आय । पल में तोला पल में मासा, कैसे कैसे रूप बनाय ।। कभी.कभी जनता के साथी, और मसीहा वही कहाय । मुफ्त...

अब तो मत चूको चौहान

सबले पहिली माथ नवावय, हाथ जोर के तोर गणेश ।अपन वंश के गौरव गाथा, फेर सुनावत हवय ‘रमेश‘ ।।अपन देश अउ अपन धरम बर, जीना मरना जेखर काम ।जब तक सूरज चंदा रहिथे, रहिथे अमर ओखरे नाम ।।पराक्रमी योद्धा बलिदानी, भारत के आखरी सम्राट ।पृथ्वीराज अमर हावे जग, ऊँचा राखे अपन ललाट ।।जय...

सबला देवव संगी काम

कोने ढिंढोरा पिटत हवय, जात पात हा होगे एक ।हमर हमर चिल्लावत हावे, कट्टर होके मनखे नेक ।।एक लाभ बर जात बताये, दूसर बर ओ जात लुकाय ।बिन पेंदी के लोटा जइसे, ढुलमूल ढुलमुल ढुलगत जाय ।।दू धारी तलवार धरे हे, हमर देश के हर सरकार ।जात पात छोड़व कहि कहि के, खुद राखे हे छांट...

कब तक हम सब झेलत रहिबो

कब तक हम सब झेलत रहिबो, बिखहर सांप गला लपेट ।कभू जैष अलकायदा कभू, कभू नवा इस्लामिक स्टेट ।।मार काट करना हे जेखर, धरम करम तो केवल एक ।गोला बारूद बंदूक धरे, सबके रसता राखे छेक ।।मनखे मनखे जेती देखय, गोला बारूद देथे फोड़ ।अपन जुनुन मा बइहा होके, उधम मचावत हें घनघोर ।।चिख...
error: