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लघु कहानी-परित्यक्ता

            आज सुबह से गूंजती सहनाई के बीच साहू जी का पूरा परिवार विवाह के हर्षोल्लास में डूब हुआ है, किंतु सहनाई के धुनों में किसी की सिसकिया खो गई है। जिसके उदास चेहरे और अश्रुपूरित नयन से उसके ह््रदय की पीड़ा समझी जा सकती है।             साहू जी स्वयं शिक्षक है...

मोर संगवारी

स्व,  लक्ष्मण मस्तुरिया जी को समर्पित मैं छत्तीसगढ़ के बेटा अंव मोर संग आघू आवव रे ।-2 मोर दाई ददा आघू आवव मोर भाई बहिनी आघू आवव ।।         मैं छत्तीसगढ़ के बेटा अव मोर संग आघू आवव रे। संग मा रहिबो संग मा गड़बो नवा नवा फ़ुलवारी, छत्तीसगढ़ ला विकास देबो राहिके संगवारी ।    ...

उड़ान

कदम मिला कर साथ मेरे ,गर चलना है तो आगे आ । अंधियारों में दीपक बनकर, जलना है तो आगे आ ।। कब तक डर कर यूं कपेगा, कितना खतरा यूं भपेगा। निर्भय बनकर तोड़ जंजीरे, कुछ करना होतो आगे आ।। माता – पिता ने बहुत किया है, उनका नाम बढ़ाना है। कुलदीपक बनकर दुनिया के, अंधियारों...

शरीफ़ मोहल्ला

          लघु कहानी-शरीफ़ मोहल्ला बारिश की तेज बूंदो के बीच खड़े मनकूराम को आज यह व्यथा समझ नहीं आ रही थी ।  ये वही लोग थे जो मनकूराम के साथ बैठकर समय व्यतीत किया करते थे।आज बारिश में हाथो में छतरी लिए ये लोग मनकूराम के विरोधी बन गए थे।   मनकूराम के हाथों में छतरी नहीं...
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