Select Page

छत्तीसगढ़ी श्लोक

1. दुनिया ला बनाये तैं, कहाये भगवान गा ।दुनिया ला चलाये तैं, मनखे बदनाम गा ।।2. पत्ता डोलय ना एको, मरजी बिन तोर तो ।अपन मन के धुर्रा, उड़ावय न थोरको ।।3. तहीं हवस काया के, सब मा एक प्राण गा ।तहीं हवस माया के, अकेल्ला सुजान गा ।।4. सबकुछ ह तो तोरे, हमर एक तो तहीं ।तैं...

छत्तीसगढ़ दाई के

छत्तीसगढ़ दाई के, परत हंन पांव ला ।जेखर लुगरा छोरे, बांटे हे सुख छांव ला ।पथरा कोइला हीरा, जेन भीतर मा भरे ।सोंढुर अरपा पैरी, छाती मा अपने धरे ।।जिहां के रूख राई मा, बनकठ्ठी गढ़े हवे ।जिहां के पुरवाही मा, मया घात घुरे हवे ।।अनपढ़ भले लागे, इहां के मनखे सबे ।फेर दुलार...
error: