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छत्तीसगढ़ी मुक्तक

 

जीनगी ला जिये के बहाना चाही ,

रोवत ल गुदगुदा के हंसना चाही ।

ईहा ले कुछ लेके नी जान संगी ..

सब करा हस के गोठियाना चाही।।

 

✍️ “लाला “

☎️ 7697308413

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