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साहित्य आकाश के ध्रुवतारा-डॉ विनय पाठक

साहित्य आकाश के ध्रुवतारा-डॉ विनय पाठक       11 जून 1946 मा जनमें डॉ. विनय पाठक छत्तीसगढ़ का पूरा देश अउ विदेश मा जाने पहिचाने नाम हे । जिहां एक विषय मा पीएचडी करब हा सरग के डगर बरोबर कठिन हे, ऊँहा दू-दूठन विषय हिन्दी अउ भाषाविज्ञान मा पाठकजी पीएचडी डीलिट करके अपन...

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“मोर संग चलव गा”अमर गीत के गवइया लक्ष्मण मस्तूरिया

"मोर संग चलव गा"अमर गीत के गवइया लक्ष्मण मस्तूरिया               छत्तीसगढ़ महतारी के कोरा म जनम लेवइया दुलरवा हीरा बेटा,मोर संग चलव गा अमर गीत के गवइया गुरूजी साहित्यकार जन जन के कवि लक्षमण मस्तूरिया के जनम बिलासपुर जिला के पावन भुईंया मस्तुरी म  07 जून 1949 के...

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जनकवि कोदूराम

जनकवि कोदूराम दलित   साहित्यकार के एक अच्छा परिचय उन्खर साहित्य ले ही होथे ।  रचनाकार के व्यक्तित्व, चरित्र, स्वभाव अउ दृष्टिकोण सबो उन्खर कृति ले दरपन मा बने परछाई कस दिखथे ।  स्व. कोदूराम ला जब जनकवि कहे गे हे ता ऐखरे ले स्पष्ट हे इंखर रचना मा आमजन के पीरा के...

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एक महात्मा साहित्यकार-श्री कृष्ण कुमार भट्ट ‘पथिक’

         सिद्धांतों का मूर्ति बनाना और  सिद्धांतों को जीवित करना दो अलग-अलग बातें होती हैं ।  सिद्धांतों का कथन करने वाले सैकड़ों होते हैं किन्तु सिद्धांत को अपना जीवन बना लेने वाले सैकड़ों में कुछ एक ही होते हैं ।  ऐसे ही कुछ लोगों में शीर्षस्थ हैं श्री कृष्ण...

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