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गुरु घासीदास

” गुरु घासीदास ” * * * * * अवतरण दिवस के उपलक्ष में संत शिरोमणि गुरु घासीदास बाबा जी के श्रीचरणो में मेरा प्रणाम एवं श्रद्धाजंली अर्पण। जय सतनाम । विश्व के रचना कर्ता,सर्वजीव या विश्वका सृष्टिकर्ता महाशक्ति सर्व प्राणियों में निUरंतन बिराजमान है, वही...

जय छ्ठ माता की जय-जय अरपा माता की जय

जय छ्ठ माता की जय – जय अरपा माता की जय। बिलासपुर के जीवन दायिनी अन्तःसलिला सदायौवना अरपा नदी। वर्षान्त मे जलामृत से परिपूर्णा शांत स्वभाव लास्यमयी अरपा। शारदीय उत्सवपूर्ण महल मे छठ माता के आगमनी बार्ता प्राप्तकर शृंगार किये है अरपा माता। स्वच्छ परिवेश मे आलोक...

सुरता सीजी डॉट कॉम का विमोचन

सुरता सीजी डॉट कॉम का विमोचन छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ी को समर्पित  “सुरता, साहित्य  के धरोहर” वेबसाइट सुरता सीजी डॉट कॉम नामक वेबसाइट का विमोचन राजभाषा आयोग के अध्यक्ष और भाषाविद डॉ. विनय पाठक द्वारा फीता काट कर किया गया। इस वेबसाइट में नाम के अनुरूप पुरखा...

गुरू की सर्वव्यापकता

‘‘गुरू की सर्वव्यापकता‘‘ – रमेशकुमार सिंह चौहान         भारतीय जीवनशैली गुरू रूपी सूर्य के तेज से आलोकित है । भारतीय साहित्य  संस्कृत से लेकर विभिन्न भारतीय भाषाओं तक गुरू महिमा से भरा पड़ा है । भारतीय जनमानस में गुरू पूर्णतः रचा बसा हुआ है । गुरू स्थूल से...

मंदिरों का गढ़-नवागढ़

          छत्तीसगढ़ अपने नाम के ही साथ ‘छत्तीस‘ गढ़ को समेटा हुआ है । राजतंत्र के समय छत्तीसगढ़ के जीवन दायनी शिवनाथ नदी के उत्तर दिशा में 18 एवं दक्षिण दिशा में 18 गढ़ हुआ करता था । उत्तर दिशा के गढ़ों की राजधानी रतनपुर एवं दक्षिणा दिशा के गढ़ों की राजधानी रायपुर था...
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