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चुनावी होली

चुनावी होली (सरसी छंद) जोगीरा सरा ररर रा वाह खिलाड़ी वाह. खेल वोट का अजब निराला, दिखाये कई रंग । ताली दे-दे जनता हँसती, खेल देख बेढंग ।। जोगी रा सरा ररर रा, ओजोगी रा सरा ररर रा जिनके माथे हैं घोटाले, कहते रहते चोर । सत्ता हाथ से जाती जब-जब, पीड़ा दे घनघोर ।। जोगी रा सरा...

होली

होली गीत ************ रंग रंगाहूं दीवानी मोर, रंग रंगाहूं जी………। तोर मया म दीवाना होगे, दिल चुराहूं जी……..। हाथ में धरे ह गुलाल रानी, हाथ में धरे ह पिचकारी। रंग रंगाहूं दीवानी मोर, रंग रंगाहूं जी………। रंग रंगाहू दीवाना...

जिनगी के पैडगरी

जिनगी के पैडगरी जिनगी के पैडगरी म संगी, ऊबड़ खाबड़ रेंगे ल परही। ऊँच निच अऊ डबरा डिलवा, गिर गिर खुद संभलना परही।। सुख के साथी बँहुते मिलही, दुःख म दुरिहा छिदबिद होही। तोर करम के रोना जँहुरिया, अपन आँखि म कोन रोही।। करम के दीया तोर अइसे बार, सबो जगह ओला बरे ल परही। जिनगी...

मेरी ताकत है कलम

‌                *मेरी ताकत है कलम* कलम से लिखना सीखा हूं । लिखकर पढ़ना सीखा हूं । मेरी ताकत है कलम । लिख कर पढ़ना पढ़ कर लिखना । और याद करना सीखा हूं । मेरी ताकत है कलम । कलम की सहायता से ही , परीक्षा में प्रथम आना सिखा हूं। मेरी ताकत है कलम । 12वीं ,बीएससी ,एम,ए...

भारत मां के सपूत

                  *भारत मां के सपूत*                           (1) तिलक लगाकर चल, भाल सजाकर चल। माटी मेरे देश की, कफ़न लगाकर चल। देश में वीर योद्धा जन्मे, मच गई खलबल। भारत मां के सपूत है ,आगे चल आगे चल।                          (2) भगत ,चंद्रशेखर, सुखदेव थे...

स्वालंबन बनते जा

                  *स्वावलंबन बनते जा* वीर साहसी आगे कदम बढ़ा जा। कर्म करते जा ,मर्म करते जा। खुद को फौलादी करके, स्वावलंबन बनते जा।स्वावलंबन बनते जा। देश की आन बान शान को बढ़ा जा। अडिग रहते जा, निर्भीक रहते जा। नेक इरादे पक्का करके, स्वावलंबन बनते जा।स्वावलंबन बनते...

आदमी

आदमी आदमी होके आदमी पर न घात कर चल हॅस के हर किसी से बात कर क्या लेके आए हो, क्या लेके जाओगे दिल खोल के हर किसी से मुलाक़ात कर मांगता नहीं कोई तिजोरी किसी का मोहब्बत का खजाना ख़र्च इफरात कर रगो का लहू लाल है हर आदमी का मोहब्बत फैला नफ़रत से न मात कर मिट्टी का पुतला...

गरीबी

गरीबी यहां हर कोई गरीब, हर कोई अमीर है बस हाथों में अपनी उलझी हुई लकीर है देने वाले ने तो दिए, सब को दो ही हाथ कोई तकदीर से राजा तो कोई फ़कीर है हौसलों से भरो, उड़ान हर ख्वाबों की ईर्ष्या द्वेष तो सीने में चुभते हुए तीर है नश्वर दुनियां में हर सय मिट जानी है जो जान...

कठपुतली बनाके नचाया किसी ने

  कठपुतली बनाके नचाया किसी ने पानी में आग लगाया किसी ने बातों में हमको फसाया किसे ने किया कराया है किसी और का चालाकी से अपना बताया किसे ने लड़ते रहे हम बाहरी लोगों से भीतर से हमको सताया किसी ने हरदम बंधी रही आंखों में पट्टी देखा वही जो दिखाया किसी ने बेबसी बड़ी...

नमन नवनिधि नारी-रोला छंद गीत

नमन नवनिधि नारी – रोला छंद में गीत… ******************************** *जननी जीवाधार, जगत की जिम्मेंदारी।* *नूतन नित नवकार, नमन है नवनिधि नारी।* नित्य नये प्रतिमान, सृजन साहस से गढ़ती। मिला कदम से ताल, प्रगति पथ पर नित बढ़ती। खुद रचती इतिहास, अडिग अभिजित्...
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