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🙏🙏 मानवता🙏🙏

👉न हिन्दू न मुसलमान बड़ा है,
न ही सिक्ख ईसाई ।
मानवता से बड़ा कोई धर्म नही,
सबने यही सिखाई ।।

👉जात धरम के नाम पर,
क्यों लोगो को बाँट दिए।
एक दूजे से अलग होकर,
बोलो भला हम कैसे जिए।।

👉मजहब नही सिखाता हमे,
कि आपस में तुम झगड़ा करो।
जात पात के नाम पर,
काटो कटो और लड़ मरो।।

👉साज अलग हो काज हो,
सबका भले अलग हो नाम।
लेकीन खुदा तो एक है,
अल्लाह रहीम या राम।।

👉एक धरती पर रहते सब,
एक ही पानी पीते।
एक सूर्य के धुप से,
सभी कोई है जीते।।

👉आओ मिलकर इतिहास रचे,
फैले पाखण्ड से हम बचें ।
मानव मानव को एक ही जान ,
सभी धरम की यह पहचान।।

                नागेश कश्यप

          कुँवागाँव, मुंगेली छ.ग.।।

              7828431744

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