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बड़ी – बड़ी डिग्री को लेकर युवक
रिक्शा खींचे बीच बाजार में
अनपढ़ नेता दौरे पर है
महंगे – महंगे कार में ।
बी.ए., एम.ए., बी.एड., एम.एड.,
का कोई अब है जोर नहीं
चाहे युवक करे पीएच-डी.
शिक्षक के वे योग्य नहीं ।
सरकारी नौकरी के लिए
दर – दर पर देना साक्षात्कार है
नेता को दस्तखत नहीं आये
फिर भी मालामाल है ।
सरकारी बंगले में रहते
मिलता ड्राइवर और कार है
डिग्रीधारी दर – दर भटके
कैसी ये सरकार है ।
एम.बी.ए.की डिग्री ले युवक
भजियां छानेगें बाजार में
जिसने शिक्षा का मरम न जाना
देश का वो ही आधार है।
सब सरकारी सुविधा उनको
लाल बत्ती की शान है
पुलिस, दरोगा, डी.एम., एस.पी
सुरक्षा में परेशान है ।
कैसे होगा देश का भला
शिक्षा का नहीं मान है
मेहनत से युवक करे पढ़ाई
क्यों हो रहा उनका तिरस्कार है ।
सरकारी में काम न मिलता
प्राइवेट में भरमार है
जिसका ज्यादा पहुँच है रहता
उसका ही सरकार है ।

-डॉ. अर्चना दुबे 

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